माँ तुझे लोगों ने याद किया ——————– पता नहीं कल कितनों ने सोशल मीडिया पर लिख डाला कितनों ने अपनी डी पी ही बदल डाली बडा प्रेम उमड़ा था कल पर जब सोशल मीडिया नहीं था तब बहुत कम को पता था मदर्स डे के बारे में मुझे तो नहीं पता था कभी मनाया भी…Continue Reading “poem”

नाटक की अगली सीट पर बैठ कर मैने कोई ताली न बजायी सारे किरदारों ने ख़ुद से ही पूंछा कया किरदार मंच पर आया नहीं ??

कुछ नाराजगी थी मुददतों से उससे बातें नहीं की थी कल उसकी आँखों से आँखें मिली पूरा साथ गुजारा वकत दोनों की आँखों में तैर गया सिवाय इसके कि हम नाराज कयों हुये थे ।।

मुझे अपनी बोसीदा फटी हुई बचपन की किताबें मिलीं जिसके हासियों  पर हर वकत मैं कुछ तसवीर सी बनाया करता था चाहा क़ैद कर लूँ उसी वकत को अपने में पर वह दस साल का बच्चा अब मुझी से कह रहा कया अब भी पहाड़ों के पीछे सूरज को कहीं बना पाते हो तुम ??

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The two hours barrier –  physical and psychological barrier – another view point ———————————————————————————————————— The Four minutes a mile and the  two hours marathon  are two epic experiments of running saga .Both the time, there  was an attempt to overpower the physical and psychological barriers defined since ages.Both the barriers has a fascination beyond its…Continue Reading