माँ तुझे लोगों ने याद किया ——————– पता नहीं कल कितनों ने सोशल मीडिया पर लिख डाला कितनों ने अपनी डी पी ही बदल डाली बडा प्रेम उमड़ा था कल पर जब सोशल मीडिया नहीं था तब बहुत कम को पता था मदर्स डे के बारे में मुझे तो नहीं पता था कभी मनाया भी…Continue Reading “poem”

यह कया है ? मज़हब की बात या सियासत की ? जिस वादी में कुछ मुट्ठी भर लोग आवाज उठा रहे आतंक , अन्याय , असुरक्षा की उसी वादी में एक क़ौम रही लम्बे दौर तक आतंक के साये में दर बदर होने के पहले और मजबूर है जीने को अनिश्चित भविषय के साये में…Continue Reading